Jharkhand: माओवादी नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की जेल में मौत, रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में ली अंतिम सांस

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद प्रतिबंधित नक्सली संगठन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के वरिष्ठ नेता प्रशांत बोस उर्फ किशन दा की मौत हो गई।जानकारी के अनुसार 3 अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। जेल प्रशासन ने उनकी मौत के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है।
75 वर्ष से अधिक उम्र, लंबे समय से जेल में थे बंद
बताया जा रहा है कि प्रशांत बोस की उम्र 75 साल से अधिक थी और वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे।वे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद थे और माओवादी संगठन में पोलित ब्यूरो सदस्य के पद पर थे। उनकी मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन में हलचल बढ़ गई है।
पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे प्रशांत बोस
प्रशांत बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल के निवासी थे। नक्सली संगठन में उन्हें ‘किशन दा’ के नाम से जाना जाता था और वे लंबे समय तक संगठन के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल रहे।
एमसीसीआई के प्रमुख से बने माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य
किशन दा पहले माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया के प्रमुख नेताओं में शामिल थे।साल 2004 में एमसीसीआई और पीपल वॉर ग्रुप के विलय के बाद नया संगठन भाकपा माओवादी बना, जिसके बाद प्रशांत बोस को संगठन के पोलित ब्यूरो सदस्य की जिम्मेदारी मिली।
पत्नी शीला मरांडी भी नक्सली संगठन से जुड़ी
प्रशांत बोस की पत्नी शीला मरांडी भी नक्सली संगठन से जुड़ी रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दोनों लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों में सक्रिय रहे।
2021 में झारखंड पुलिस ने किया था गिरफ्तार
प्रशांत बोस को 21 नवंबर 2021 को झारखण्ड पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वे रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद थे।



