Bihar: प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय का पेशकार 1.70 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

मुंगेर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को मुंगेर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की टीम ने मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में छापेमारी कर पेशकार मुकेश कुमार को 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जमीन विवाद के निपटारे के नाम पर मांगी थी ‘मोटी रकम’
मिली जानकारी के अनुसार, पेशकार मुकेश कुमार पिछले तीन वर्षों से मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में तैनात था।एक जमीन से संबंधित कोर्ट केस आयुक्त के न्यायालय में चल रहा था। इस केस के निपटारे और पक्ष में फैसला कराने के एवज में मुकेश कुमार ने पक्षकार (पीड़ित) से मोटी रकम की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी ब्यूरो से की। विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया और शिकायत सही पाए जाने पर जाल बिछाया।
सादे लिबास में तैनात थी टीम; रंगे हाथ दबोचा गया आरोपी
गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने रिश्वत की राशि मुकेश कुमार को थमाई, कार्यालय में सादे लिबास में पहले से मौजूद निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।मुकेश कुमार के पास से रिश्वत के 1.70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मुकेश कुमार सालों से इस पद पर होने के कारण काफी रसूख रखता था और अक्सर अपने पद का धौंस दिखाकर लोगों को हड़काता था। मुंगेर जिले में हाल के दिनों में निगरानी विभाग का यह सबसे बड़ा ‘ट्रैप’ ऑपरेशन माना जा रहा है।
पूछताछ के लिए पटना ले गई विजिलेंस टीम
गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद निगरानी ब्यूरो की टीम आरोपी पेशकार को अपने साथ पटना ले गई है। ब्यूरो के अधिकारियों का कहना है कि मुकेश कुमार से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में विभाग के कुछ अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। पूछताछ के बाद आरोपी को पटना स्थित निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में हुई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में जमे भ्रष्टाचार के सिंडिकेट पर अब कड़ी नजर रखी जा रही है।



