
सीतापुर : जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र के बट्सगंज इलाके में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब शहर के जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र चौधरी (69) ने अपनी कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय डॉक्टर अपनी दूसरी मंजिल स्थित कमरे में थे। गोली की आवाज सुनकर जब पत्नी और नौकर मौके पर पहुंचे, तो डॉक्टर बेड पर खून से लथपथ पड़े मिले।
‘रिवॉल्वर साफ करने’ की बात कहकर कमरे में गए थे डॉक्टर
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों से हुई पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। सीओ सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि शुक्रवार सुबह डॉ. राजेंद्र सामान्य रूप से सोकर उठे और नाश्ता किया। करीब 10 बजे उन्होंने अपनी पत्नी शक्ति चौधरी से कहा कि वह अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर साफ करने जा रहे हैं और दूसरी मंजिल पर बने कमरे में चले गए।काफी देर तक नीचे न आने और अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी और नौकर ऊपर भागे। वहां डॉक्टर बेड पर मृत पड़े थे और रिवॉल्वर उनके हाथ में ही थी। कमरे की दीवारों और बेड पर खून के निशान देख पत्नी की चीख निकल गई।
दो सप्ताह से ‘खामोश’ थे डॉक्टर; अवसाद की आशंका
डॉ. राजेंद्र चौधरी खैराबाद इलाके में अपनी क्लिनिक चलाते थे और चिकित्सा जगत में काफी सम्मानित थे। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा दो बेटे हैं, जो बाहर रहते हैं। पूछताछ में सामने आया है कि पिछले दो सप्ताह से डॉक्टर काफी शांत थे और घर में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं कर रहे थे।सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और लाइसेंसी हथियार को भी जांच के लिए जब्त कर लिया है।
पुलिस की तफ्तीश जारी: आत्महत्या का कारण अब भी रहस्य
सीओ सिटी ने बताया कि अभी तक आत्महत्या का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। क्या डॉक्टर किसी गंभीर बीमारी या मानसिक तनाव से जूझ रहे थे, इस दिशा में भी परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है।इस घटना से सीतापुर के चिकित्सा जगत और स्थानीय लोगों में शोक की लहर है।



