Jharkhand: रामनवमी को लेकर जमशेदपुर की सुरक्षा परखने पहुंचे एसटीएफ डीआईजी इंद्रजीत महथा,पुलिस को दिए ‘अलर्ट’ रहने के निर्देश

जमशेदपुर : आगामी रामनवमी पर्व के मद्देनजर लौहनगरी की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए एसटीएफ के डीआईजी इंद्रजीत महथा गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचे। उनके आगमन पर एसएसपी कार्यालय में उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर सम्मानित किया गया। इसके उपरांत उन्होंने जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और सुरक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
मानगो के संवेदनशील क्षेत्रों का जमीनी निरीक्षण
डीआईजी इंद्रजीत महथा ने शहर के सबसे संवेदनशील माने जाने वाले मानगो क्षेत्र का विशेष रूप से दौरा किया। उन्होंने वहां सुरक्षा के मानकों को बारीकी से परखा।डीआईजी ने संवेदनशील मोड़ों और चौक-चौराहों पर पुलिस बल की मौजूदगी और उनकी कार्ययोजना का जायजा लिया।उन्होंने भीड़ नियंत्रण के उपायों और सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जा रही मॉनिटरिंग की स्थिति को देखा।डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इलाके के पुराने दागियों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।
एसएसपी कार्यालय में हुई मैराथन बैठक
निरीक्षण से पूर्व डीआईजी ने एसएसपी कार्यालय में अधिकारियों के साथ सुरक्षा ब्लूप्रिंट पर चर्चा की। इस दौरान एसएसपी पीयूष पांडेय, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष, डीएसपी मुख्यालय-1 भोला प्रसाद और डीएसपी यातायात नीरज पाठक मौजूद रहे। बैठक में संवेदनशील इलाकों के लिए अतिरिक्त फोर्स और क्यूआरटी की तैनाती पर सहमति बनी। विसर्जन जुलूस के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए ट्रैफिक डीएसपी को विशेष रूट चार्ट बनाने का निर्देश दिया गया। डीआईजी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराना है।
“अप्रिय घटना बर्दाश्त नहीं होगी” – डीआईजी इंद्रजीत महथा
मीडिया से बात करते हुए डीआईजी ने बताया कि पुलिस प्रशासन हर स्तर पर तैयार है।
“रामनवमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी चुनौती और प्राथमिकता है। जमशेदपुर पुलिस ने अब तक बेहतर काम किया है। मानगो सहित अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना की गुंजाइश न रहे।” — इंद्रजीत महथा, डीआईजी (एसटीएफ )
जिले के एसएसपी पीयूष पांडेय ने डीआईजी को आश्वस्त किया कि शहर के सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च और शांति समिति की बैठकों के जरिए समन्वय स्थापित किया जा रहा है।



