Jharkhand: रामनवमी पर झारखंड के 24 जिलों में 10 हजार जवानों की तैनाती, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी चप्पे-चप्पे की निगरानी

रांची : रामनवमी के पावन पर्व पर शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए झारखंड पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। राज्य के सभी 24 जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और त्योहार को सुरक्षित संपन्न कराने के लिए पूरे प्रदेश में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
10 हजार जवानों की फौज और विशेष मॉक ड्रिल
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर राज्यभर में 10,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अतिसंवेदनशील इलाकों में पुलिस ने विशेष मॉक ड्रिल की है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।दंगा नियंत्रण वाहन , क्विक रिस्पॉन्स टीम और विशेष गश्ती दल को 24 घंटे सक्रिय रहने का आदेश दिया गया है।
संवेदनशील जिलों पर पैनी नजर
प्रशासन ने राज्य के 5 जिलों को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा है, जहाँ सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं।
रांची और हजारीबाग: यहाँ सबसे अधिक सुरक्षा बल और वरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है।
जमशेदपुर, गिरिडीह और लोहरदगा: इन जिलों के जुलूस मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर विशेष पिकेट बनाए गए हैं।
तकनीक का पहरा: ड्रोन और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ड्रोन के जरिए नजर रखी जाएगी।प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को जिला कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहाँ से अधिकारी हर गतिविधि की लाइव मॉनिटरिंग करेंगे। अफवाहों को रोकने के लिए पुलिस की आईटी सेल फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स पर कड़ी नजर रख रही है। भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आम लोगों से अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे शांति और भाईचारा बनाए रखें। किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को दें।
“हमारा लक्ष्य है कि हर नागरिक बिना किसी डर के त्योहार मना सके। उपद्रवियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और संवेदनशील इलाकों में सादे लिबास में भी पुलिस तैनात रहेगी।” — पुलिस महानिदेशक , झारखंड



