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National: सुप्रीम कोर्ट की बंगाल सरकार को फटकार, ‘आप हम पर हुक्म नहीं चला सकते

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ ने सुनवाई टालने की कोशिश कर रही ममता सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि अदालत उनकी शर्तों पर नहीं चलेगी।

“आप हुक्म नहीं चला सकते”: जस्टिस मिश्रा का सख्त रुख

सुनवाई की शुरुआत में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने ईडी के हलफनामे पर जवाब देने के लिए और समय मांगते हुए सुनवाई टालने की अपील की। इस पर कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की “हम किसी भी चीज को नजरअंदाज क्यों करें? आप हम पर हुक्म नहीं चला सकते। हम हर पहलू पर विचार करेंगे।”जस्टिस मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार की स्थिति काफी कमजोर है क्योंकि वे बिना लिखित जवाब के बहस करना चाहते हैं, जबकि यह एक बेहद संवेदनशील मामला है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे सुनवाई में देरी करने की चाल बताते हुए कहा कि हलफनामा चार हफ्ते पहले ही दाखिल किया जा चुका था।

ममता बनर्जी के हस्तक्षेप पर भी कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अचानक बीच में आने (हस्तक्षेप करने) की घटना पर भी गंभीर सवाल उठाए। पीठ ने दो टूक शब्दों में कहा, “आपने जो किया, वह गलत था।” कोर्ट ने जांच एजेंसी के काम में राजनीतिक हस्तक्षेप को अनुचित करार दिया।

बंगाल सरकार की मांग: ‘संविधान पीठ को भेजा जाए मामला’

राज्य सरकार ने दलील दी कि यह मामला केवल छापेमारी का नहीं, बल्कि केंद्र-राज्य संबंधों और संघीय ढांचे से जुड़ा है। श्याम दीवान ने तर्क दिया कि ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसी किसी राज्य के खिलाफ सीधे अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट नहीं आ सकती।सरकार ने मांग की कि इस मामले को 5 जजों की संविधान पीठ को भेजा जाए, क्योंकि यह संविधान की ‘मूल संरचना’ और संघीय ढांचे को प्रभावित करता है।

विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?

यह मामला पिछले दिनों कोलकाता में आई -पैक के दफ्तर पर हुई ईडी की छापेमारी से जुड़ा है। ईडी का आरोप है कि रेड के दौरान राज्य प्रशासन और सत्तापक्ष के लोगों ने बाधा उत्पन्न की थी, जिसके खिलाफ एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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