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Jharkhand: गिरिडीह के विकास इंडिकेटर्स की समीक्षा, सुनील कुमार वर्णवाल ने शत-प्रतिशत प्रगति का दिया निर्देश

गिरिडीह: आकांक्षी जिला कार्यक्रम के केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी-सह-चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) सुनील कुमार वर्णवाल शनिवार को गिरिडीह पहुंचे। समाहरणालय सभागार में उन्होंने नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी प्रखंड रूपांतरण कार्यक्रम के तहत जिले और आकांक्षी प्रखंड जमुआ में चल रही विकास योजनाओं तथा निर्धारित इंडिकेटर्स की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव मौजूद रहे। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने पीपीटी के माध्यम से जिले और जमुआ प्रखंड के विभिन्न इंडिकेटर्स की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी को दी।

देश के 112 आकांक्षी जिलों में गिरिडीह की डेल्टा रैंकिंग 77वीं

समीक्षा के दौरान सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि गिरिडीह ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है। देश के 112 आकांक्षी जिलों में गिरिडीह की डेल्टा रैंकिंग 77वीं, जबकि झारखंड में एडीपी रैंकिंग 13वीं है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में बेहतर प्रगति हुई है, उसे बरकरार रखा जाए। वहीं जिन इंडिकेटर्स में गिरावट या अपेक्षा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई है, उनका अलग-अलग विश्लेषण कर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाए।

स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र की समीक्षा में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और कुपोषण नियंत्रण सहित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी ली गई।सैम और मैम श्रेणी के कुपोषित बच्चों की पहचान, उपचार और फॉलोअप पर विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय प्रभारी ने निर्देश दिया कि कुपोषित बच्चों की पहचान के बाद उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाकर आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार के लिए नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया गया।

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की समीक्षा

बैठक में ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की भी समीक्षा की गई। महिलाओं और आम लोगों की स्क्रीनिंग, ब्लड शुगर, मधुमेह, रक्तचाप और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की जांच को अभियान के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया।साथ ही पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने और वितरण में तेजी लाने पर जोर दिया गया।

स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं और उपस्थिति पर निगरानी

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बिजली, बाउंड्री वॉल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति की जानकारी ली गई। बच्चों की संख्या के अनुपात में शौचालयों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी उपयोगिता और नियमित संचालन की भी समीक्षा की गई।सुनील कुमार वर्णवाल ने कहा कि जिन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी है, उनकी प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।उन्होंने बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, पठन-पाठन व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रत्येक शिक्षा इंडिकेटर का नियमित विश्लेषण करने का निर्देश दिया। कम प्रगति वाले क्षेत्रों के लिए माइक्रो प्लान तैयार कर सुधार सुनिश्चित करने को कहा।

किसानों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

कृषि एवं जल संसाधन विभाग की समीक्षा में पीएम कुसुम योजना, माइक्रो इरिगेशन, डीप इरिगेशन, सॉयल हेल्थ कार्ड और फसल बीमा योजना की प्रगति की जानकारी ली गई।केंद्रीय प्रभारी ने सॉयल हेल्थ कार्ड के वितरण में तेजी लाने तथा किसानों को फसल बीमा और सिंचाई योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया।अमृत सरोवर योजना और भूमि संरक्षण विभाग की ओर से बनाए जा रहे तालाबों की भी समीक्षा की गई। जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया गया।

पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने का निर्देश

पशुपालन विभाग की समीक्षा में पशुओं के टीकाकरण की स्थिति पर चर्चा हुई। सुनील कुमार वर्णवाल ने पंचायत और क्षेत्रवार माइक्रो प्लान तैयार कर शत-प्रतिशत पशु टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।टीकाकरण से वंचित पशुपालकों और क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।

बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर

वित्तीय समावेशन के तहत प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और मुद्रा लोन की प्रगति की समीक्षा की गई।केंद्रीय प्रभारी ने पंचायत और गांव स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पात्र लोगों को बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। विभागों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।

युवाओं और ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने पर जोर

कौशल विकास एवं आजीविका के क्षेत्र में युवाओं और ग्रामीण परिवारों को मिल रहे अवसरों की भी समीक्षा की गई। जेएसएलपीएस द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी लेते हुए पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और जमीनी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

जमुआ की 42 पंचायतों की होगी इंडिकेटरवार निगरानी

आकांक्षी प्रखंड जमुआ की सभी 42 पंचायतों में नीति आयोग द्वारा निर्धारित इंडिकेटर्स के आधार पर संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की पंचायतवार समीक्षा की गई।जिन पंचायतों में किसी विशेष इंडिकेटर की प्रगति कम है, वहां इसके कारणों की पहचान कर माइक्रो प्लान तैयार करने का निर्देश दिया गया।प्रत्येक पंचायत के लिए प्राथमिकता वाले इंडिकेटर निर्धारित कर लक्ष्य आधारित कार्रवाई और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से विकास की गति बढ़ाने पर जोर दिया गया।

संपूर्णता अभियान 2.0 की भी हुई समीक्षा

बैठक में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित कार्यक्रमों की उपलब्धियों और शेष लक्ष्यों की समीक्षा की गई।केंद्रीय प्रभारी ने संबंधित विभागों को प्राप्त उपलब्धियों को बरकरार रखते हुए शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।

कम प्रगति वाले इंडिकेटर्स पर विशेष निगरानी

सुनील कुमार वर्णवाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल जिले की समग्र उपलब्धि देखकर संतुष्ट न हों, बल्कि हर इंडिकेटर का अलग-अलग विश्लेषण किया जाए।जिन इंडिकेटर्स में लगातार अपेक्षित ग्रोथ नहीं हो रही है या गिरावट दर्ज हुई है, उनके कारणों की पहचान कर विभागवार और क्षेत्रवार सुधार की रणनीति तैयार करने को कहा गया।उन्होंने कहा कि सभी इंडिकेटर्स में शत-प्रतिशत प्रगति की दिशा में काम किया जाना चाहिए। इसके लिए फील्ड विजिट, डेटा विश्लेषण, नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय को मजबूत करना जरूरी है।

योजनाओं की सफलता के लिए जनभागीदारी जरूरी

केंद्रीय प्रभारी ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता केवल कागजी क्रियान्वयन से सुनिश्चित नहीं हो सकती। योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए जन-जागरूकता और कम्युनिटी इनवॉल्वमेंट जरूरी है।उन्होंने अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार विशेष जागरूकता अभियान और ड्राइव चलाने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें।सभी विभागों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की अद्यतन एमआईएस एंट्री समय पर करने को कहा गया, ताकि पोर्टल पर वास्तविक स्थिति प्रदर्शित हो सके।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, समाज कल्याण, कौशल विकास, बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे।

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