Jharkhand: रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालु से मारपीट मामला, 4 जैप जवान और 1 होमगार्ड सस्पेंड

रामगढ़/रांची: झारखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप में चार जैप के जवानों और एक होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रजरप्पा मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा एक श्रद्धालु के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इस घटना का वीडियो और शिकायत मिलने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में काफी रोष था। मामला प्रशासन के संज्ञान में आते ही एसपी अजय कुमार ने जांच के आदेश दिए और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिराई।
एसपी अजय कुमार के सख्त निर्देश: “आपा न खोएं पुलिसकर्मी”
निलंबन की कार्रवाई के साथ ही रामगढ़ एसपी ने पूरी पुलिस फोर्स को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा किसी भी परिस्थिति में पुलिसकर्मियों को अपना आपा नहीं खोना चाहिए।हर स्थिति में कानून और तय प्रक्रिया के तहत ही कार्य करना चाहिए।धार्मिक स्थलों पर तैनात बल को श्रद्धालुओं के साथ शालीनता से पेश आना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और नई प्रतिनियुक्ति
घटना के बाद मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुराने दल को हटाकर नए जवानों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रजरप्पा आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
भविष्य के लिए मास्टर प्लान की तैयारी
एसपी अजय कुमार ने बताया कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में रजरप्पा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होगी।श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित माहौल पर चर्चा होगी।ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नया प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा।रामगढ़/रांची: झारखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में श्रद्धालुओं के साथ मारपीट मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। कर्तव्य में लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप में चार जैप के जवानों और एक होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, रजरप्पा मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा एक श्रद्धालु के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इस घटना का वीडियो और शिकायत मिलने के बाद मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं में काफी रोष था। मामला प्रशासन के संज्ञान में आते ही एसपी अजय कुमार ने जांच के आदेश दिए और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिराई।
एसपी अजय कुमार के सख्त निर्देश: “आपा न खोएं पुलिसकर्मी”
निलंबन की कार्रवाई के साथ ही रामगढ़ एसपी ने पूरी पुलिस फोर्स को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा किसी भी परिस्थिति में पुलिसकर्मियों को अपना आपा नहीं खोना चाहिए।हर स्थिति में कानून और तय प्रक्रिया के तहत ही कार्य करना चाहिए।धार्मिक स्थलों पर तैनात बल को श्रद्धालुओं के साथ शालीनता से पेश आना होगा।
सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव और नई प्रतिनियुक्ति
घटना के बाद मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुराने दल को हटाकर नए जवानों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रजरप्पा आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।
भविष्य के लिए मास्टर प्लान की तैयारी
एसपी अजय कुमार ने बताया कि जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में रजरप्पा मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा होगी।श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं और सुरक्षित माहौल पर चर्चा होगी।ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नया प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा।



