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Bihar: सैटेलाइट से होगी अफीम की खेती की पहचान, मुख्य सचिव ने दिए ‘जीरो टॉलरेंस’ के सख्त निर्देश

पटना: बिहार सरकार ने राज्य को नशामुक्त बनाने और नशीले पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए अपनी रणनीति और सख्त कर दी है। सोमवार को मुख्य सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय NCORD (Narco Coordination Centre) की 9वीं एपेक्स कमेटी की बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगी।

सैटेलाइट रखेगा अफीम और गांजे की खेती पर नजर

बैठक में अवैध खेती को जड़ से मिटाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर बड़ा फैसला लिया गया। BISAG और ADRIN से प्राप्त सैटेलाइट डेटा का उपयोग कर अवैध अफीम और गांजे की खेती की पहचान की जाएगी।खेती की पहचान होते ही उसे तत्काल नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

कानूनी शिकंजा: विशेष NDPS कोर्ट की होगी स्थापना

नशे के कारोबारियों को जल्द सजा दिलाने के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत बिहार में विशेष NDPS न्यायालयों की स्थापना की जाएगी।ट्रायल कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साक्ष्य प्रस्तुत करने की व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा ताकि गवाहों और सबूतों की प्रक्रिया तेज हो सके।

सामाजिक जागरूकता: आध्यात्मिक संगठनों का मिलेगा साथ

नशामुक्ति को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए सरकार ने अनूठी पहल की है। प्रमुख आध्यात्मिक संगठनों के साथ MOU कर नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा। जिला स्तर पर परामर्श और नशामुक्ति केंद्रों के प्रभावी संचालन पर जोर दिया गया है ताकि लत छोड़ने वालों को मुख्यधारा में लाया जा सके।

जिलाधिकारियों को सख्त हिदायत

मुख्य सचिव ने बैठकों की नियमितता पर कड़ा रुख अपनाया। राज्य स्तर पर हर 3 महीने (त्रैमासिक) और जिला स्तर पर हर महीने (मासिक) NCORD की बैठक अनिवार्य होगी।सभी DM को निर्देश दिया गया है कि वे पोर्टल पर बैठकों की कार्यवाही समय पर अपलोड करें।नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो कार्यालय की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस के जवानों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।

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