Bihar INFACTNews

Bihar: मुख्य सचिव ने नार्थ कोयल और मंडई वीयर प्रोजेक्ट की समीक्षा की, सुस्त संवेदकों को चेतावनी

पटना: बिहार के सूखाग्रस्त इलाकों की तस्वीर बदलने वाली दो महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं को लेकर राज्य सरकार एक्शन मोड में है। सोमवार को मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में ‘नार्थ कोयल जलाशय परियोजना’ और ‘मंडई वीयर परियोजना’ की अद्यतन स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गर्मी और मॉनसून से पहले इन प्रोजेक्ट्स का धरातल पर उतरना किसानों के लिए अनिवार्य है।

नार्थ कोयल जलाशय परियोजना: औरंगाबाद और गया के लिए डेडलाइन तय

दक्षिण बिहार के औरंगाबाद और गया जिलों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली इस 162 किलोमीटर लंबी परियोजना को लेकर मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाया।औरंगाबाद में 30 अप्रैल तक और गया में मई माह तक शेष 10% भूमि अधिग्रहण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है। WAPCOS ने आश्वासन दिया कि मार्च के अंत तक 60% कार्य पूरा हो जाएगा।मुख्य सचिव ने MSR Construction और Niyati Construction (पैकेज 8, 9, 10, 11) के धीमे कार्य पर नाराजगी जताई और मैनपावर व मशीनरी बढ़ाकर समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का निर्देश दिया।

मंडई वीयर परियोजना: जहानाबाद और नालंदा को मिलेगी राहत

फल्गु नदी पर निर्मित ‘मंडई वीयर परियोजना’, जो जहानाबाद, नालंदा और पटना के धनरूआ जैसे क्षेत्रों को सिंचित करेगी, की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। जहानाबाद जिलाधिकारी ने बताया कि प्रोजेक्ट का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।रैयतों के मुआवजे और लेबर भुगतान की कोई समस्या नहीं है, जिससे कार्य की गति तेज बनी हुई है।

वरिष्ठ अधिकारियों को स्थल निरीक्षण के निर्देश

मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग के मुख्यालय स्तर के वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल फाइलों पर नहीं, बल्कि नियमित रूप से स्थल निरीक्षण कर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य उपस्थिति

इस बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष मल्ल, योजना एवं विकास विभाग की ACS डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, वित्त सचिव जय सिंह के साथ गया, औरंगाबाद और जहानाबाद के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button