
वाराणसी: धर्म और शिक्षा की नगरी काशी के प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में शनिवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक छात्रावास के बाहर बाइक सवार बदमाशों ने सरेराह फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से छात्रों में दहशत फैल गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
क्या है पूरी घटना?
स्नातक के छात्र रोशन मिश्रा द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 9:30 बजे वह अपने छात्रावास के बाहर खड़ा था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे और अचानक ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग के बाद आरोपी तेजी से अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही भेलूपुर के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और कई थानों की पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) वैभव बांगर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया “हमें रात करीब 9:30 बजे बीएचयू कैंपस में गोलीबारी की सूचना मिली थी। चौकी प्रभारी और पुलिस टीम ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया। छात्रों की औपचारिक शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।”
छात्रों ने खुद जुटाए सबूत
घटना के बाद बीएचयू के छात्रों ने साहस का परिचय देते हुए मौके पर गिरे हुए कारतूसों के खोखे एकत्र किए और उन्हें साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंप दिया। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्राथमिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में शामिल कुछ छात्रों की पहचान कर ली गई है।
कैंपस की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
बीएचयू जैसे अति-सुरक्षित माने जाने वाले परिसर में इस तरह की वारदात ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि बाहरी या शरारती तत्व हथियारों के साथ कैंपस के भीतर हॉस्टल तक कैसे पहुंच रहे हैं।
पुलिस का अगला कदम
पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एडीसीपी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल कैंपस में एहतियातन गश्त बढ़ा दी गई है।



