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Madhya Pradesh: इंदौर में राज्यपाल की व्यवस्था में भारी लापरवाही ,6 अधिकारियों को नोटिस

इंदौर: मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल को मंगलवार को इंदौर प्रवास के दौरान गंभीर अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए राज्यपाल रेसीडेंसी कोठी की बदहाली और गंदगी देखकर इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने वहां भोजन करने से ही इनकार कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने सख्त कदम उठाते हुए हाउसकीपिंग कंपनी को हटा दिया है और डिप्टी कलेक्टर सहित 6 वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

किचन में कॉकरोच और सड़ी सामग्री देख भड़के अधिकारी

मंगलवार सुबह राज्यपाल के एडीसी नरेंद्र रावत और अधिकारी विपुल शाह ने जब रेसीडेंसी कोठी की रसोई का औचक निरीक्षण किया, तो वहां के हालात चौंकाने वाले थे।किचन में कॉकरोच और कीड़े रेंग रहे थे। बर्तन गंदे थे और डस्टबिन खुले पड़े थे। फ्रिज और पैंट्री की जांच में सड़े हुए आलू और सब्जियों के छिलके पाए गए।राज्यपाल को परोसी गई चाय भी ठंडी थी।इन अव्यवस्थाओं की जानकारी मिलते ही राज्यपाल ने कोठी में भोजन न करने का निर्णय लिया और एयरपोर्ट पर ही भोजन करने की बात कही।

सुरक्षा स्टाफ को मिली दागदार बेडशीट

लापरवाही सिर्फ किचन तक सीमित नहीं थी। राज्यपाल की सुरक्षा में तैनात स्टाफ को दाग और धब्बों वाली बेडशीट दी गई थी। ओएसडी द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद कर्मचारियों ने बेडशीट नहीं बदली, जिससे अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई।

प्रशासनिक हंटर: कंपनी ब्लैकलिस्ट, अधिकारियों पर गिरी गाज

कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस प्रोटोकॉल उल्लंघन को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने निम्नलिखित कार्रवाइयों के निर्देश दिए हैं जिसमे हाउसकीपिंग की जिम्मेदार कंपनी रतन एम्पोरियम सिक्योरिटी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और उनकी सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। कंपनी के लंबित भुगतान में से 20 से 30 प्रतिशत राशि काटने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही बरतने के आरोप में डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, श्रम निरीक्षक, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, CMHO और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कर्मचारियों का पक्ष: महीनों से नहीं मिला वेतन

दूसरी ओर, हाउसकीपिंग कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जुलाई 2023 से वेतन का भुगतान नहीं मिला है। कंपनी के संचालक अमनवीर अरोरा पर भुगतान न करने के आरोप लगे हैं, जिसकी वजह से सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हुई।

कलेक्टर का बयान: “राज्यपाल के प्रोटोकॉल में चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ओएसडी के निर्देश के बाद भी बेडशीट न बदलना और सफाई व्यवस्था का संतोषजनक न होना बड़ी लापरवाही है। संबंधितों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।” — शिवम वर्मा, कलेक्टर इंदौर

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