
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बुधवार को सदन में अधिकारियों के ‘गैर-जिम्मेदाराना’ रवैये का मुद्दा गरमाया रहा। जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने और प्रोटोकॉल का पालन न करने पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कड़ी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
अधिकारियों का आचरण संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध: स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि अधिकारियों द्वारा सदन के सदस्यों को समुचित सम्मान देना उनका संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों और फोन कॉल पर तत्काल या यथाशीघ्र रिस्पॉन्स दें।यदि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं, तो उन्हें नंबर का रिकॉर्ड रखना होगा और बाद में जवाब देना होगा।संसदीय कार्यमंत्री के साथ बैठक कर इस संबंध में एक पुख्ता व्यवस्था बनाई जाएगी।
कार्यपालिका व्यवस्थापिका पर हावी नहीं हो सकती: सुरेश खन्ना
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विपक्ष के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार ऐसे रवैये को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने याद दिलाया कि इसी सदन ने पहले भी नियमों का उल्लंघन करने वाले पुलिसकर्मियों को सजा दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अधिकारी फोन का जवाब नहीं देते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री असीम अरुण का ‘स्मार्ट’ सुझाव
अधिकारियों द्वारा फोन न उठाने की समस्या के समाधान के लिए समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की ओर से एक विशिष्ट नंबर जारी किया जाए, जिसे प्रदेश के सभी अधिकारी अपने फोन में अनिवार्य रूप से सेव करें।यदि फोन नहीं उठता है, तो इसी नंबर के जरिए शिकायत और संदेश भेजा जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके।
बिजली मुद्दे पर भाजपा-सपा में तकरार
सदन में आज मुफ्त बिजली और ओवरलोड ट्रांसफार्मर के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।नोएडा से भाजपा विधायक पंकज सिंह ने हिंडन नदी के फ्लड क्षेत्र (डूब क्षेत्र) में बने आवासों को बिजली कनेक्शन देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि 2013-14 से कनेक्शन नहीं दिए जा रहे, जो अब सशर्त दिए जाने चाहिए। पंकज सिंह ने दादरी की घटना का जिक्र करते हुए वहां SDRF इकाई, ट्रॉमा सेंटर और बर्न यूनिट स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यूपी के बजट की विशालता पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश का बजट देखकर पाकिस्तान की संसद में भी हाहाकार मचा हुआ है।



