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Madhya Pradesh: शिक्षकों की होगी भर्ती, किसानों को मिलेंगे सोलर पंप, बच्चों को मुफ्त दूध; जानिए MP के बजट की खास बातें

मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार को राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4,38,317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। करीब डेढ़ घंटे के अपने बजट भाषण में देवड़ा ने इस बजट को GYANII (ज्ञानी) थीम पर आधारित यानी G (गरीब कल्याण), Y (युवा शक्ति), A (अन्नदाता किसान), N (नारी शक्ति) के साथ I (औद्योगीकरण) तथा I (इंडस्ट्री विकास) से जुड़ा हुआ बताया। विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच देवड़ा ने यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई और नारेबाजी की। विपक्ष ने विधायक निधि नहीं बढ़ाए जाने को लेकर भी हंगामा किया।

जनता पर नहीं आया किसी नए टैक्स का बोझ


बजट की प्रमुख विशेषताओं की बात करें तो राज्य सरकार ने जनता पर किसी नए टैक्स का बोझ नहीं डाला है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया, साथ ही 8वीं तक के बच्चों को मुफ्त टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि कामकाजी महिलाओं के लिए प्रदेश में 5700 छात्रावास (हॉस्टल) बनाए जाएंगे। लाड़ली बहनों के लिए सरकार ने 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जिसके तहत 1.25 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए उनके खाते में भेजकर उनकी आर्थिक मदद की जाती है। साल 2023 में शुरू इस योजना के तहत सरकार अब तक 52,304 करोड़ रुपए बांट चुकी है।


1 लाख किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप


देवड़ा ने बताया कि साल 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40,062 करोड़ रुपए की घोषणा की गई। इसके अलावा स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ रुपए का प्रावधान भी किया गया हैं। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि 1 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे। इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपए, सड़क सुधार के लिए 12,690 करोड़ रुपए और जल जीवन मिशन के लिए 4,454 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा गया है।


बढ़ाई गई MMBS और मेडिकल पीजी की सीटें


स्वास्थ्य क्षेत्र में मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में नए जिला चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे। उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में 228 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने बताया कि यह बजट अधोसंरचना विस्तार, औद्योगीकरण, हरित विकास और जनकल्याण को समन्वित करते हुए प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

जी-राम-जी के लिए 10 हजार करोड़ का प्रावधान


वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी योजना (पूर्व में मनरेगा) के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वित्त मंत्री ने बताया कि बजट में पहली बार एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रभावी पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। राज्य शासन के सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से 17 हजार 350 करोड़ रुपए का पूंजीगत व्यय संभावित है, जिससे कुल प्रभावी पूंजीगत व्यय एक लाख करोड़ रुपए से अधिक हो जाएगा।

नगरीय विकास के लिए 21 हजार 561 करोड़ का प्रावधान

बजट भाषण के अनुसार वर्ष 2026-27 में कुल प्राप्तियां तीन लाख 89 हजार 397 करोड़ रुपए तथा कुल व्यय तीन लाख 88 हजार 925 करोड़ रुपए अनुमानित है। इस प्रकार शुद्ध लेन-देन 472 करोड़ रुपए अनुमानित है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए वर्ष 2026-27 में 34 हजार 65 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है वहीं नगरीय विकास के लिए 21 हजार 561 करोड़ रुपए तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।


तीन स्थानों पर होगी सांस्कृतिक वनों की स्थापना


जबकि वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए छह हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान प्रस्तावित है। कैम्पा निधि के माध्यम से दो हजार 89 करोड़ रुपए के कार्य कराए जाएंगे। साथ ही ‘समृद्धिवन-वनवृद्धि से जन समृद्धि’, ‘कृषि वानिकी योजना’ और ‘जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना’ जैसी नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व के अतिरिक्त सागर जिले में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण्य तथा श्योपुर जिले में जहानगढ़ अभयारण्य स्थापित किए गए हैं। ओरछा, धर्मराजेश्वर (मंदसौर) और बुरहानपुर में सांस्कृतिक वनों की स्थापना भी प्रस्तावित है

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