
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बिगुल बजने से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने विपक्षी दलों को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस से हाल ही में इस्तीफा देने वाले कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गुरुवार को औपचारिक रूप से समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुद उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई और माला पहनाकर उनका स्वागत किया।
अखिलेश यादव ने भेंट की अहिल्याबाई की तस्वीर
सदस्यता ग्रहण समारोह के दौरान अखिलेश यादव ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने सिद्दीकी को स्मृति चिह्न के साथ लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की तस्वीर भेंट की। इस मौके पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
नेताओं की लंबी फेहरिस्त: कौन-कौन हुआ शामिल?
सपा के इस सदस्यता अभियान में केवल सिद्दीकी ही नहीं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों के दिग्गज भी शामिल हुए। राजकुमार: पूर्व विधायक, प्रतापगढ़।दीनानाथ कुशवाहा: पूर्व विधायक, देवरिया।अनीस अहमद (फूल बाबू): वरिष्ठ नेता।दानिश खान: पूर्व नेता, एआईएमआईएम।
महिला नेत्रियां: रचना पाल, हुसना सिद्दीकी, पूनम पाल और अल्का समेत दर्जनों महिला कार्यकर्ताओं ने भी ‘साइकिल’ की सवारी शुरू की।
‘समाजवाद ही देश को नई दिशा देगा’: सिद्दीकी
पार्टी में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शायराना अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हयात लेके चलो, कायनात लेके चलो। चलो तो सारे जमाने को साथ ले के चलो।” उन्होंने अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि वे सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं।सिद्दीकी ने सपा संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे हमेशा से ‘नेताजी’ की कार्यशैली से प्रभावित रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ लगभग 15,718 कार्यकर्ता आज सपा परिवार का हिस्सा बने हैं।
चुनावी समीकरणों पर पड़ेगा बड़ा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपा में आना मुस्लिम और दलित समीकरणों को साधने की दिशा में अखिलेश यादव का बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के इलाकों में सिद्दीकी का अपना प्रभाव रहा है, जिसका सीधा लाभ आगामी चुनाव में सपा को मिल सकता है।



