
आगरा: ताजनगरी आगरा में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले बेखौफ बदमाशों के खिलाफ यूपी पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ गुरुवार सुबह रौद्र रूप में देखने को मिला। यमुनापार के चर्चित राज चौहान हत्याकांड के मुख्य आरोपी शोएब मंसूरी को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। वहीं, 25-25 हजार के दो इनामी बदमाश मोहित पंडित और अरबाज खान पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
तीन इलाकों में एक साथ गूँजी गोलियां
आगरा पुलिस के लिए गुरुवार की सुबह जबरदस्त एक्शन वाली रही। राज चौहान हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी की थी। पुलिस ने जब बदमाशों को सरेंडर करने के लिए ललकारा, तो उन्होंने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला, जिससे पूरा इलाका गोलियों की गड़गड़ाहट से थर्रा उठा।
मुख्य शूटर शोएब मंसूरी ढेर
मुठभेड़ के दौरान गैंग का सरगना और मुख्य शूटर शोएब मंसूरी पुलिस की गोली का शिकार हुआ। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, शोएब ने ही राज चौहान की हत्या की पूरी पटकथा लिखी थी। उसके मारे जाने को आगरा पुलिस एक बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि वह इलाके में अपना नया गैंग खड़ा कर रहा था।
दो घायल बदमाशों पर था 25-25 हजार का इनाम
पुलिस की जवाबी फायरिंग में मोहित पंडित और अरबाज खान के पैर में गोली लगी है। इन दोनों बदमाशों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। घायल बदमाशों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहे (पिस्टल और तमंचे),जिंदा कारतूस और खोखे और संदिग्ध वाहन बरामद किए हैं।
क्या था राज चौहान हत्याकांड?
आगरा के यमुनापार इलाके में वर्चस्व को लेकर दो गुटों में लंबे समय से रंजिश चल रही थी। कुछ दिन पहले एक गेस्ट हाउस में चल रही शराब पार्टी के दौरान रंगबाज राज चौहान की आधी रात को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात ने आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद शासन स्तर से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
एसएसपी का सख्त संदेश: “आगरा में अपराध की जगह नहीं”
मुठभेड़ के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुलिस अपराधियों को आत्मसमर्पण का पूरा मौका देती है, लेकिन यदि वे जान लेने की नीयत से गोली चलाएंगे, तो पुलिस भी पीछे नहीं हटेगी। एसएसपी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी।



