Jharkhand: जमशेदपुर की 5वीं की छात्रा अनन्या नायर की पहली पुस्तक ‘द इकोज़ रंग अगेन’ का विमोचन, लोयोला स्कूल के प्राचार्य ने सराहा

जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर न केवल खेलों और उद्योगों में, बल्कि साहित्य के क्षेत्र में भी नई प्रतिभाएं गढ़ रही है। इसी कड़ी में लोयोला स्कूल की पांचवीं कक्षा की छात्रा अनन्या नायर ने महज 10-11 वर्ष की उम्र में लेखिका बनकर शहर का मान बढ़ाया है। उनकी पहली पुस्तक ‘द इकोज़ रंग अगेन’ का औपचारिक विमोचन स्कूल के प्राचार्य फादर विनोद फर्नांडीस द्वारा किया गया।
बचपन की मासूमियत और भावनाओं का संगम
अनन्या की यह पुस्तक केवल एक कहानी नहीं, बल्कि बचपन की मासूमियत के साथ-साथ जीवन के गहरे पहलुओं जैसे स्मृतियों, विछोह और घावों के भरने की प्रक्रिया का एक सुंदर चित्रण है। इतनी कम उम्र में मानवीय भावनाओं की इतनी सूक्ष्म समझ पाठकों को चकित करती है।
हैरी पॉटर से प्रेरित है नन्हीं लेखिका
प्रसिद्ध काल्पनिक चरित्र ‘हैरी पॉटर’ की प्रशंसक अनन्या ने अपनी पुस्तक में मित्रता और साहस को मुख्य आधार बनाया है। पुस्तक के विमोचन के अवसर पर अनन्या ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अपने मन की कल्पनाओं को शब्दों का रूप देने की कोशिश की है और उन्हें उम्मीद है कि पाठकों को यह कहानी जरूर पसंद आएगी।
पिता के लिए गौरव का क्षण
अनन्या के पिता श्रीकांत नायर ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर अत्यंत गौरव महसूस किया। उन्होंने कहा, “अनन्या ने अपनी कल्पनाओं और भावनाओं को इन पन्नों में उकेरा है। एक पिता के रूप में उसे अपने सपने साकार करते देखना मेरे लिए भावुक क्षण है। अब हमारी कोशिश इसे अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचाने की है।”
साहित्यिक भविष्य की ओर बढ़ते कदम
लोयोला स्कूल के प्राचार्य फादर विनोद फर्नांडीस ने अनन्या की सराहना करते हुए कहा कि इतनी छोटी उम्र में जटिल भावनाओं को शब्दों में पिरोने की कला अद्भुत है। शिक्षाविदों और साहित्य प्रेमियों का मानना है कि अनन्या की यह शुरुआत उनके एक उज्ज्वल साहित्यिक भविष्य की ओर इशारा करती है।



