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Bihar: NEET छात्रा मर्डर में CBI ने दर्ज किया FIR, केस की कई फाइलें दिल्ली ले गई एजेंसी

पटना: बिहार की राजधानी पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत और दरिंदगी के मामले में अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने कमान संभाल ली है। सीबीआई की पटना इकाई ने इस मामले में औपचारिक रूप से प्राथमिकी दर्ज कर ली है। अब इस केस की फाइलें दिल्ली मुख्यालय भेजी गई हैं, जहां विशेषज्ञों की टीम साक्ष्यों का अध्ययन करेगी।

केस का घटनाक्रम: आत्महत्या से ‘दरिंदगी’ तक की कहानी

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा की मौत का मामला शुरुआती दौर में पटना पुलिस द्वारा आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी:

6 जनवरी: छात्रा कंकड़बाग स्थित निजी गर्ल्स हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली।

11 जनवरी: इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।

15 जनवरी: PMCH की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया। रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका जताई गई और शरीर पर 10 से अधिक गहरे जख्म के निशान मिले।

24 जनवरी: विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में छात्रा के अंतः वस्त्रों में मानव वीर्य की पुष्टि हुई, जिसके बाद इसे सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के एंगल से देखा जाने लगा।

पुलिस की लापरवाही और एक्शन

इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रारंभिक जांच में शिथिलता बरतने के आरोप में पटना पुलिस पर गाज गिरी है। चित्रगुप्त नगर की थानाध्यक्ष रोशनी कुमारी और कदमकुआं के अपर थानाध्यक्ष हेमंत को निलंबित कर दिया गया है। हॉस्टल संचालक को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।पटना आईजी जितेंद्र राणा के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने अब तक के साक्ष्य संकलित किए हैं।

अगले 3-4 दिनों में घटना स्थल का दौरा करेगी CBI

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम अगले तीन से चार दिनों के भीतर चित्रगुप्त नगर थाना और शंभू गर्ल्स हॉस्टल का दौरा कर सकती है। केंद्रीय एजेंसी सबसे पहले बिहार पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन करेगी। केस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण फाइलें पहले ही अध्ययन के लिए दिल्ली ले जाई जा चुकी हैं।

सियासी घमासान: विपक्ष के गंभीर आरोप

सीबीआई जांच शुरू होने से जहां नीतीश सरकार को प्रशासनिक राहत मिलती दिख रही है, वहीं विपक्ष ने मोर्चा खोल रखा है। विपक्ष का आरोप है कि बिहार पुलिस ने जांच के शुरुआती दिनों में देरी कर कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट होने दिया।विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस दरिंदगी के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जिसे बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुजफ्फरपुर के नवरुणा कांड का हवाला देते हुए सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

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