Rajasthan: पूर्व विधायक बलजीत यादव को ED ने किया गिरफ्तार, MLA फंड में ₹2.87 करोड़ की हेराफेरी का खुलासा

जयपुर/अलवर: राजस्थान की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को देर रात हिरासत में लेने के बाद गिरफ्तार कर लिया। ईडी ने यह कार्रवाई दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से की। पूर्व विधायक पर विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (MLA-LAD फंड) के दुरुपयोग और करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का गंभीर आरोप है।
क्या है 3.72 करोड़ का खेल किट घोटाला?
ईडी की जांच के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2021-22 का है। बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए क्रिकेट और बैडमिंटन किट खरीदी जानी थी। खेल सामग्री के नाम पर कुल 3.72 करोड़ रुपए खर्च किए गए।जांच में सामने आया कि इसमें से 2.87 करोड़ रुपए की सीधे तौर पर हेराफेरी की गई।घोटाले की राशि को रिश्तेदारों और सहयोगियों के बैंक खातों में डायवर्ट किया गया और इस पैसे का इस्तेमाल बेनामी संपत्ति (प्रॉपर्टी) खरीदने में किया गया।
बलजीत यादव: घोटाले के ‘मास्टरमाइंड’
2018 से 2023 तक विधायक रहे बलजीत यादव को ईडी ने इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य साजिशकर्ता माना है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक स्पोर्ट्स सामग्री की सप्लाई के लिए मेसर्स बालाजी कम्प्लीट सॉल्यूशन, सूर्या एंटरप्राइजेज और राजपूत स्पोर्ट्स जैसी कंपनियां बनाई गईं।इन कंपनियों को चलाने वाले विधायक के सहयोगी या कर्मचारी थे, जिन्हें स्पोर्ट्स ट्रेडिंग का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के लिए नियमों को ताक पर रखकर अलवर जिला परिषद से अप्रूवल लिए गए।
घटिया सामान और फर्जी बिलिंग
ईडी ने खुलासा किया कि स्कूलों को सप्लाई किया गया खेल का सामान बेहद घटिया गुणवत्ता का था।सामान को बाजार से कैश में सस्ते दामों पर खरीदा गया।इसके बाद फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर बिल तैयार किए गए, जिन्हें नीमराना पंचायत समिति से मंजूरी दिलाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया।
छापेमारी में मिले पुख्ता सबूत
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने 24 जनवरी 2025 को जयपुर, दौसा और हरियाणा के रेवाड़ी में 9 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान 31 लाख रुपए नकद बरामद किए गए।भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त हुए।एमएलए फंड की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े अहम रिकॉर्ड हाथ लगे।
आगे की कार्रवाई: 3 दिन की रिमांड
मंगलवार रात गिरफ्तारी के बाद बलजीत यादव को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया गया है। ईडी अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले की जड़ें और कहां तक फैली हैं और क्या इसमें कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल थे।



