Jharkhand :संजीव सिंह हत्याकांड में झामुमो नेताओं को उम्रकैद, दुबराज नाग और जितेंद्र सिंह को आजीवन कारावास की सजा

जमशेदपुर: लौहनगरी के बहुचर्चित संजीव सिंह हत्याकांड में न्यायपालिका ने 10 साल बाद ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। मंगलवार को जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कद्दावर नेताओं को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों और जमीन कारोबार से जुड़े हलकों में भारी हलचल है।
एडीजे-5 की अदालत ने सुनाया फैसला
जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-5) मंजू कुमारी की अदालत ने इस मामले की अंतिम सुनवाई की। अदालत ने झामुमो के केंद्रीय सदस्य दुबराज नाग और झामुमो नेता जितेंद्र सिंह को संजीव सिंह की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता और दोषी करार दिया।
जुर्माना और अतिरिक्त कारावास
अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कड़ी सजा सुनाई है।हत्या के मामले में दोनों को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। हत्या की धारा में दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।अवैध हथियार रखने और उपयोग करने के लिए 3 वर्ष की अतिरिक्त सजा और 10-10 हजार रुपये का अलग से जुर्माना लगाया गया है।
क्या था मामला?
वर्ष 2016 में जमीन कारोबारी संजीव सिंह की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे जमशेदपुर में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जांच में ही यह बात सामने आई थी कि जमीन के विवाद और आपसी रंजिश के कारण इस घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झामुमो नेताओं को नामजद किया था और पुख्ता साक्ष्यों के साथ चार्जशीट दाखिल की थी।
न्यायालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण फैसले के दौरान न्यायालय परिसर में सुरक्षा की अभूतपूर्व व्यवस्था की गई थी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। जैसे ही सजा का ऐलान हुआ, दोषियों के समर्थकों में मायूसी छा गई, वहीं पीड़ित परिवार ने इसे ‘न्याय की जीत’ बताया।
राजनीतिक हलचल तेज
सत्ताधारी दल झामुमो के दो बड़े नेताओं को उम्रकैद होने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में जिले की स्थानीय राजनीति पर भी पड़ेगा।



