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Jharkhand: पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर जमशेदपुर में बैंककर्मियों की हड़ताल,350 से अधिक बैंक शाखाएं बंद

जमशेदपुर। पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर मंगलवार को जमशेदपुर समेत पूरे जिले में सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल का असर इतना व्यापक रहा कि न केवल सरकारी बैंक पूरी तरह बंद रहे, बल्कि बैंककर्मियों ने कई निजी बैंकों की शाखाओं में जाकर भी कार्य बाधित करा दिया। हालांकि सभी निजी बैंक पूरी तरह बंद नहीं हुए, लेकिन सरकारी बैंकों के आसपास स्थित अधिकांश निजी बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहा।हड़ताल के चलते बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हुईं, जिससे आम ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चेक क्लीयरेंस, नकद जमा-निकासी, ऋण से जुड़ी प्रक्रियाएं और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहे।

लंबे समय से लंबित है मांग

बैंक यूनियन के पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग बैंककर्मी लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन सरकार और बैंक प्रबंधन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अंततः मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।

350 शाखाएं बंद, एटीएम सेवा भी प्रभावित

स्टेट बैंक यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक रिंटू रजक ने जानकारी दी कि हड़ताल के दौरान जिले भर में सरकारी और संबंधित बैंकों की कुल लगभग 350 शाखाएं बंद रहीं। इसके अलावा 15 से अधिक एटीएम भी प्रभावित रहे, जिससे नकद निकासी में लोगों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।रिंटू रजक ने बताया कि पहले से ही चार दिनों की छुट्टी के कारण एटीएम में नकदी की समस्या बनी हुई थी और हड़ताल के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। कई इलाकों में एटीएम खाली रहे, जिससे लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।

ग्राहकों को झेलनी पड़ी परेशानी

बैंकों के बंद रहने से वेतन, पेंशन, व्यापारिक लेन-देन और जरूरी भुगतान प्रभावित हुए। खासकर बुजुर्गों, छोटे व्यापारियों और दैनिक लेन-देन पर निर्भर लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ग्राहक बैंक शाखाओं के बाहर घंटों इंतजार करते नजर आए, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें बिना काम हुए लौटना पड़ा।

मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बैंक यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैंककर्मी किसी भी हाल में अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेंगे।

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