
आगरा: ताजनगरी के सनसनीखेज मिंकी शर्मा हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश अब अंतिम पड़ाव पर है। हत्यारोपी विनय राजपूत की तीन दिवसीय पुलिस कस्टडी रिमांड शुक्रवार से शुरू हो गई। रिमांड के पहले दिन पुलिस टीम आरोपी को लेकर एतमादपुर स्थित झरना नाला पहुंची, ताकि मृतका का कटा हुआ सिर और मोबाइल बरामद किया जा सके। हालांकि, दिनभर चले भारी सर्च ऑपरेशन के बावजूद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।
ड्रोन और गोताखोरों की मदद, पर सफलता नहीं
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के निर्देशन में पुलिस की भारी टीम सुबह 10 बजे ही आरोपी विनय को लेकर नाले पर पहुँच गई थी। नाले के दुर्गम इलाकों में ड्रोन कैमरे उड़ाए गए और कुशल गोताखोरों को पानी में उतारा गया। विनय ने जिस स्थान पर सिर फेंकने की बात कबूल की थी, वहां 300 मीटर के दायरे में लोहे का जाल लगा है। आशंका है कि कटा सिर कीचड़ और मलबे में दब गया है।
अजगर निकलने से मचा हड़कंप
तलाशी अभियान के दौरान अचानक एक विशाल अजगर निकल आया, जिससे पुलिसकर्मियों और वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस कर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और फिर से अभियान शुरू किया।
क्या था पूरा मामला?
23 जनवरी की रात पार्वती विहार कॉलोनी निवासी मिंकी शर्मा की संजय प्लेस स्थित ‘दिविशा टेक्नोलॉजी’ के दफ्तर में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मिंकी वहां एचआर थीं और आरोपी विनय कंप्यूटर ऑपरेटर था।पुलिस के अनुसार, विनय मिंकी से शादी करना चाहता था। शादी से इनकार और मिंकी के किसी अन्य युवक से प्रेम संबंधों के शक में उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।पकड़े जाने के डर से विनय ने शव को निर्वस्त्र कर बोरे में भरा और सिर धड़ से अलग कर दिया। धड़ को जवाहर पुल पर फेंका गया, जबकि सिर और मोबाइल को झरना नाला में ठिकाने लगा दिया।
रिमांड पर हत्यारोपी: रविवार सुबह तक का समय
कोर्ट ने विवेचक हरेंद्र कुमार (एसओ ट्रांसयमुना) की प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए विनय राजपूत को शुक्रवार सुबह 10 बजे से रविवार सुबह तक पुलिस कस्टडी रिमांड पर दिया है। पुलिस के पास अब रविवार तक का समय है ताकि वे हत्या में प्रयुक्त हथियार (यदि कोई शेष हो), मृतका का मोबाइल और सबसे महत्वपूर्ण ‘कटा सिर’ बरामद कर सकें।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बेटी का कटा सिर बरामद न होने से मिंकी के परिजन बेहद दुखी और आक्रोशित हैं। वे लगातार पुलिस से अंतिम संस्कार के लिए सिर बरामद करने की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक शरीर पूरा नहीं होगा, वे अपनी बेटी को पूर्ण विदाई कैसे दे पाएंगे।



