
चंदौली: वाराणसी से अलग होकर जिला बनने के 28 साल बाद आखिरकार चंदौली को अपने स्थायी और आधुनिक ‘एकीकृत जनपद न्यायालय’ की सौगात मिल गई है। शनिवार को इस बहुप्रतीक्षित परियोजना की आधारशिला रखे जाने के साथ ही जिले के न्यायिक इतिहास में एक स्वर्णिम युग की शुरुआत हुई है।
‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ तकनीक से लैस होगा 9 मंजिला भवन
लगभग 35 बीघे जमीन पर बनने वाला यह न्यायालय परिसर आधुनिक वास्तुकला और ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ तकनीक का बेजोड़ नमूना होगा। करीब ₹286 करोड़ की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य अप्रैल 2027 रखा गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहली किस्त के रूप में ₹75 करोड़ की धनराशि जारी कर दी है।नौ मंजिला इस भव्य इमारत में 37 कोर्ट रूम, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, एक विशाल सभागार, पार्क, फूड कोर्ट और पार्किंग की आधुनिक व्यवस्था होगी।अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैंपस के भीतर ही आधुनिक आवासीय ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा।
टीन शेड और खंडहरों से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में चंदौली के न्यायालय संसाधनों के अभाव में खंडित अवस्था में चल रहे हैं। सदर तहसील, शिक्षा विभाग के पुराने कमरों और राजकीय महाविद्यालय के भवनों में कोर्ट संचालित होने से भारी अव्यवस्था रहती है।अधिवक्ताओं को सर्दी, गर्मी और बरसात में टीन शेड के नीचे बैठकर काम करना पड़ता था। वादकारियों को एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट जाने के लिए भटकना पड़ता था। अब एक ही छत के नीचे सभी न्यायिक सुविधाएं मिलने से न्याय प्रक्रिया सुगम होगी।
जिला बनने के 28 साल बाद भी किराए पर हैं कई विभाग
सदर मुख्यालय की विडंबना यह है कि 1997 में जिला बनने के बाद भी विकास भवन समेत समाज कल्याण, अल्पसंख्यक, उद्योग और दिव्यांगजन कल्याण जैसे चार दर्जन से अधिक विभाग आज भी किराए के भवनों में चल रहे हैं। यहाँ तक कि डीएम, सीडीओ और एडीएम जैसे शीर्ष अधिकारियों के पास अपना स्थायी आवास नहीं है और वे पॉलिटेक्निक या सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में रहने को विवश हैं। ऐसे में इंटीग्रेटेड कोर्ट का निर्माण जिले के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
“नागरिकों और अधिवक्ताओं के संघर्ष की जीत”
शिलान्यास के बाद जिला न्यायालय निर्माण संघर्ष समिति और डिस्ट्रिक्ट डेमोक्रेटिक बार के पूर्व महामंत्री झन्मेजय सिंह ने खुशी जाहिर करते हुए कहा यह केवल एक भवन का शिलान्यास नहीं है, बल्कि चंदौली के अधिवक्ताओं, व्यापारियों और आम नागरिकों के अटूट संघर्ष की जीत है। यह प्रोजेक्ट चंदौली के विकास की आधारशिला बनेगा।”



