
बांग्लादेश में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे 5.7 तीव्रता का भूंकप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र ढाका से लगभग 25 किलोमीटर दूर नरसिंगडी जिले के माधबड़ी क्षेत्र में था।
Bangladesh Earthquake: बांग्लादेश में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे 5.7 तीव्रता का भूंकप दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र ढाका से लगभग 25 किलोमीटर दूर नरसिंगडी जिले के माधबड़ी क्षेत्र में था। भूकंप के कारण कई इमारतों में दरारें पड़ गईं, जबकि एक दस मंजिला इमारत झुक गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और दो सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। हालांकि स्थानीय मीडिया का दावा है कि मृतकों की संख्या छह तक पहुंच सकती है। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि ढाका समेत कई शहरों में लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। इसी दौरान नरसिंगडी में चल रहा बांग्लादेश और आयरलैंड के बीच क्रिकेट मैच भी सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूकंप भारतीय और बर्मा टेक्टोनिक प्लेट्स की हलचलों का नतीजा हो सकता है। इससे पहले 1762 में बांग्लादेश को सबसे बड़े भूकंप “ग्रेट अराकान अर्थक्वेक” का सामना करना पड़ा था, जिसकी तीव्रता 8.5 मापी गई थी और जिसने व्यापक तबाही मचाई थी।
बांग्लादेश के प्रोफेसर ने दी चौंकाने वाली जानकारी
भूकंप से जुड़ी एक अन्य मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार सुबह बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में भूकंप आया। डेली स्टार की इस खबर के अनुसार, बांग्लादेश ओपन यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति और भूविज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद हुमायूं अख्तर ने बताया कि बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में आए भूकंप के झटके बहुत तेज थे। प्रोफेसर अख्तर के मुताबिक हाल के दिनों में, बांग्लादेश ने में इतनी तीव्रता के झटका महसूस नहीं किए गए हैं।
कोलकाता में भूकंप के तेज झटके, कई जिलों में दहशत
कोलकाता समेत उत्तर और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में शुक्रवार सुबह अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। सुबह 10 बजकर 9 मिनट पर आए इन झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक लगातार 18 सेकंड तक कंपन महसूस हुआ, जिससे कई जगह लोग घबराकर इमारतों से बाहर निकल आए।सूत्रों के अनुसार कोलकाता के अलावा सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, कोचबिहार, मालदा और दक्षिण दिनाजपुर में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप का एपिसेंटर कहां था, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी तक जारी नहीं हुई है। भूकंप के समय ऑफिस आवर होने की वजह से शहर में अफरा-तफरी मच गई। कई बहुमंजिली इमारतों, दफ्तरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एहतियातन खाली कराया गया। सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोगों को खुले स्थानों पर खड़े देखा गया। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी तरह के नुकसान की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।



