Jharkhand: हाथी के हमले में रेस्क्यू टीम के सदस्य की मौत, मरने वालों का आंकड़ा पहुँचा 20

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बेनीसागर क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके जंगली हाथी को काबू करने की कोशिशों के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। हाथी के रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए पश्चिम बंगाल से बुलाए गए विशेषज्ञ दल के एक सदस्य सुखलाल बेसरा की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इस ताज़ा मौत के साथ ही इस हाथी के हमले से जान गंवाने वालों की कुल संख्या अब 20 पहुँच गई है।
रेस्क्यू के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, बंगाल के बांकुड़ा जिले से आई रेस्क्यू टीम आज बेनीसागर इलाके में हाथी को खदेड़ने और उसे ट्रंकुलाइज (बेहोश) करने के अभियान में जुटी थी। इसी दौरान हाथी ने अचानक टीम पर हमला बोल दिया। इस हमले में सुखलाल बेसरा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए पड़ोसी राज्य ओडिशा के क्योंझर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
ऑपरेशन से पीछे हटी बंगाल की टीम
अपने साथी की मौत और हाथी के आक्रामक व्यवहार को देखते हुए बंगाल से आई रेस्क्यू टीम ने आगे का ऑपरेशन करने से मना कर दिया है और वापस लौट गई है। आरसीसीएफ स्मिता पंकज ने घटना की पुष्टि करते हुए दुख जताया है। टीम के वापस जाने से वन विभाग के सामने अब हाथी को सुरक्षित पकड़ने की चुनौती और बड़ी हो गई है।
ओडिशा सीमा में प्रवेश, पर झारखंड पर खतरा बरकरार
राहत और चिंता की बात यह है कि हमलावर हाथी अब झारखंड की सीमा पार कर ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्र में दाखिल हो गया है। हाथी के ओडिशा में प्रवेश करने से वहां के वन विभाग की चुनौतियां बढ़ गई हैं।वर्तमान में हाथी ओडिशा के एक काजू बागान क्षेत्र में मौजूद है। राहत की बात यह है कि ओडिशा वन विभाग ने इस क्षेत्र में सोलर फेंसिंग (सौर बाड़) लगा रखी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर फेंसिंग के झटकों के डर से हाथी वहां ज्यादा देर नहीं रुकेगा और पूरी संभावना है कि वह वापस झारखंड की सीमा में प्रवेश कर जाए।
वन विभाग का अलर्ट
झारखंड वन विभाग की टीम सीमा पर मुस्तैद है और ग्रामीणों को अलर्ट रहने की सलाह दी गई है। हाथी के फिर से लौटने की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती गांवों में मुनादी कराई जा रही है ताकि जान-माल का और नुकसान न हो।



