
वाराणसी: प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के सबसे व्यस्त व्यापारिक इलाकों में से एक दालमंडी में बुधवार को प्रशासन का बुलडोजर एक बार फिर सक्रिय हो गया। करीब एक महीने के विराम के बाद, दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना के तहत चिन्हित भवनों को गिराने की कार्रवाई दोबारा शुरू की गई है। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई थी।
नरेली बाजार तिराहे से शुरू हुआ अभियान
जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम बुधवार दोपहर बाद भारी मशीनों के साथ मौके पर पहुँची। अभियान की शुरुआत नरेली बाजार तिराहे की ओर से की गई।कार्रवाई के दौरान दालमंडी की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया था, ताकि आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो और ध्वस्तीकरण के दौरान कोई हादसा न हो। कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन ने लाउडस्पीकर के माध्यम से दुकानदारों और निवासियों को अंतिम चेतावनी दी, जिसके बाद भवनों को खाली कराया गया।
इन भवनों पर हुई कार्रवाई
प्रशासन ने उन भवनों को प्राथमिकता दी जिन्हें पहले ही नोटिस जारी कर अधिग्रहीत किया जा चुका था। इनमें मुख्य रूप से भवन संख्या CK 39/5,भवन संख्या CK 43/113 और भवन संख्या CK 50/207 शामिल है। उल्लेखनीय है कि सत्तार मार्केट के स्वामी ने प्रशासन के सहयोग की अपील स्वीकार करते हुए स्वयं ही भवन का हिस्सा तुड़वाना शुरू कर दिया है।
व्यापारियों में हलचल, प्रशासन सख्त
दालमंडी मार्ग अपने संकरे रास्तों और भारी भीड़ के लिए जाना जाता है। चौड़ीकरण की इस योजना का उद्देश्य इलाके में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और आपातकालीन स्थिति (जैसे एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड) के लिए रास्ता सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मुआवजे और नोटिस की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। जिन लोगों ने स्वेच्छा से अतिक्रमण नहीं हटाया, वहां विभाग स्वयं कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान अगले कुछ दिनों तक निरंतर जारी रहेगा जब तक कि निर्धारित चौड़ाई के अनुसार मार्ग साफ नहीं हो जाता।



