
गोंडा/नंदनी नगर: भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के 69वें जन्मदिन पर एक ओर जहाँ उत्सव का माहौल था, वहीं दूसरी ओर मंच पर उनके गिरने के एक वाकये ने हर किसी को चौंका दिया। नंदनी नगर में आयोजित ‘राष्ट्र कथा महोत्सव’ के समापन समारोह के दौरान बृजभूषण शरण सिंह का संतुलन बिगड़ गया और वे मुंह के बल गिर पड़े।
संतुलन बिगड़ा और खा गए गुलाटी
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो 8 जनवरी का बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि बृजभूषण शरण सिंह मंच की ओर बढ़ रहे थे, तभी अचानक उनका पैर डगमगाया। उनके पास खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें थामने की कोशिश की, लेकिन वे उन्हें संभाल नहीं पाए। पूर्व सांसद अनियंत्रित होकर मंच पर ही गुलाटी खाते हुए मुंह के बल गिर पड़े।इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और समर्थक हक्का-बक्का रह गए। हालांकि, गिरने के तुरंत बाद बृजभूषण शरण सिंह खुद ही फुर्ती से उठे और उनके चेहरे पर मुस्कान थी। उन्हें सही-सलामत और मुस्कुराते देख मौके पर मौजूद समर्थकों ने राहत की सांस ली।
69वें जन्मदिन पर ‘राष्ट्र कथा’ का भव्य समापन
8 जनवरी को बृजभूषण शरण सिंह का 69वां जन्मदिन भी था। इस अवसर पर नंदनी नगर में पिछले आठ दिनों से चल रहे राष्ट्र कथा महोत्सव का भव्य समापन हुआ। सरयू तट के पास नंदनी निकेतन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रख्यात संत ऋतेश्वर महाराज कथा वाचक के रूप में उपस्थित थे।कथा के विश्राम के बाद ऋतेश्वर महाराज ने पूर्व सांसद को जन्मदिन की बधाई दी और उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान महोत्सव स्थल पर सतरंगी छटा बिखरी रही और समर्थकों ने फूल-मालाओं के साथ पूर्व सांसद पर बधाइयों की बारिश कर दी।
“गौ-सेवा से ही भारत बनेगा विश्वगुरु”: ऋतेश्वर महाराज
समारोह के दौरान सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने गौ-पालन पर जोर देते हुए कहा 10वीं शताब्दी तक भारत विश्वगुरु था, क्योंकि तब हर घर में गौमाता की पूजा और सम्मान होता था। भारत को पुनः उसी गौरवशाली स्थान पर पहुँचाने के लिए गाय को आध्यात्मिक और वैज्ञानिक, दोनों दृष्टिकोणों से समझना होगा। जब तक गौमाता घर-घर में पूजनीय नहीं होंगी, तब तक विश्वगुरु का संकल्प अधूरा रहेगा।



