Jharkhand: जमशेदपुर में ‘ट्रांसजेंडर लीग’ ने पकड़ी रफ्तार, पहचान और सम्मान का बना मंच

जमशेदपुर: खेल नगरी जमशेदपुर में जमशेदपुर एफसी की ओर से शुरू की गई समावेशी कम्युनिटी पहल अब एक बड़े सामाजिक बदलाव का रूप ले रही है। अपनी तरह की इस अनूठी ‘ट्रांसजेंडर फुटबॉल लीग’ ने अपने तीसरे मैच वीक (Match Week) में प्रवेश कर लिया है। मैदान पर बढ़ता मुकाबला और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास यह बताने के लिए काफी है कि गोल पोस्ट की ओर बढ़ता हर कदम समाज की रूढ़ियों को पीछे छोड़ रहा है।
“सबके लिए फुटबॉल” की भावना को मिला विस्तार
जमशेदपुर एफसी का उद्देश्य इस लीग के जरिए फुटबॉल को केवल एक खेल तक सीमित न रखकर, उसे “फुटबॉल फॉर ऑल” (सबके लिए फुटबॉल) के मंत्र के साथ जोड़ना है। इस लीग में कुल 7 टीमें हिस्सा ले रही हैं। समुदाय के 70 प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी खेल कुशलता का प्रदर्शन कर रहे हैं।लीग का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यहाँ ट्रांसजेंडर समुदाय को एक सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक वातावरण मिल रहा है, जहाँ वे बिना किसी झिझक के अपनी प्रतिभा दिखा पा रहे हैं।
केवल खेल नहीं, आत्म-सम्मान की लड़ाई
लीग के तीसरे सप्ताह तक पहुँचते-पूँचते खिलाड़ियों के प्रदर्शन में गजब का सुधार देखा जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए यह मैदान केवल जीत-हार का जरिया नहीं, बल्कि अपनी पहचान और हक की लड़ाई का मंच बन गया है। खिलाड़ियों का कहना है कि जमशेदपुर एफसी ने उन्हें वह मंच दिया है, जिसकी उन्हें सालों से तलाश थी। यहाँ उन्हें ‘खिलाड़ी’ के रूप में देखा जा रहा है, न कि उनकी लैंगिक पहचान के आधार पर।
समुदाय और शहर का मिल रहा जबरदस्त समर्थन
जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ रहे हैं, स्थानीय फुटबॉल प्रेमियों और समुदाय के लोगों का समर्थन भी बढ़ रहा है। टाटा स्टील और जमशेदपुर एफसी की इस कम्युनिटी पहल की सराहना खेल विशेषज्ञों द्वारा भी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल समुदाय के स्वास्थ्य और मानसिक विकास में मदद मिलेगी, बल्कि खेल के मुख्यधारा में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।
भविष्य की ओर बढ़ते कदम
मैच वीक-3 के मुकाबलों ने यह साबित कर दिया है कि फुटबॉल में जुनून की कोई सीमा नहीं होती। जमशेदपुर एफसी का प्रबंधन इस लीग को और अधिक विस्तार देने और भविष्य में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने की योजना पर भी काम कर रहा है।



