Jharkhand: गोइलकेरा में जंगली हाथी ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचला, मां ने भागकर बचाई जान

गोइलकेरा/मनोहरपुर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र में जंगली हाथी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार की देर रात एक जंगली हाथी ने सोवा गांव में भारी तबाही मचाते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
नींद में ही काल बन कर आया हाथी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोवा गांव निवासी कुंदरा बहदा अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। तभी रात के अंधेरे में एक विशालकाय हाथी ने उनकी झोपड़ी पर हमला कर दिया। परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते और बाहर भाग पाते, हाथी ने घर को तहस-नहस करते हुए तीन लोगों को कुचल दिया।मृतकों की पहचान कुंदरा बहदा (पिता),कोदमा बहदा (बेटी) और सामु बहदा (बेटा) के रूप में हुई है।
मां ने भागकर बचाई जान, दूसरी बेटी रेफर
इस हमले के दौरान कुंदरा बहदा की पत्नी ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई, लेकिन उनकी एक अन्य छोटी बेटी जिंगी बहदा हाथी के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। जिंगी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए राउरकेला (ओडिशा) रेफर कर दिया है।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 20,000 रुपये की नकद राशि प्रदान की है। वन अधिकारियों ने बताया कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार कुल मुआवजा राशि के भुगतान के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इलाके में दहशत का माहौल
गोइलकेरा और मनोहरपुर के सीमावर्ती इलाकों में हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से विचरण कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा हाथियों को भगाने के ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण आए दिन जान-माल का नुकसान हो रहा है। ग्रामीण अब शाम होते ही घरों से निकलने में डर रहे हैं।



