Jharkhand: झारखंड हाईकोर्ट से सांसद निशिकांत दुबे को बड़ी राहत, गौ तस्कर मामले में दर्ज FIR रद्द

रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ देवघर जिले के मोहनपुर थाना में दर्ज आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। यह मामला कथित तौर पर गौ तस्करों के साथ मारपीट से जुड़ा हुआ था, जिसमें सांसद को अभियुक्त बनाया गया था।हाईकोर्ट ने मोहनपुर थाना में दर्ज कांड संख्या 281/23 से संबंधित प्राथमिकी (FIR) को निरस्त कर दिया है, जिससे सांसद के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई है।
हाईकोर्ट में दी गई चुनौती
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सांसद निशिकांत दुबे ने इस मामले को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से दाखिल क्रिमिनल याचिका पर जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की एकल पीठ में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान निशिकांत दुबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत पल्लव और अधिवक्ता पार्थ जालान ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्राथमिकी दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज कराई गई थी और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए।निशिकांत दुबे के पक्ष में आए इस फैसले को उनके लिए एक बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।
निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर दी जानकारी
फैसला अपने पक्ष में आने पर सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर ट्वीट करके इसकी जानकारी दी:उन्होंने लिखा 52 झूठे केस झारखंड सरकार ने मेरे या मेरे परिवार पर किया, आज 48वें केस का फ़ैसला मेरे पक्ष में आया। आज आख़िर झारखंड हाईकोर्ट ने यह फ़ैसला दिया कि मोहनपुर देवघर में मेरे उपर गौ तस्करों को पकड़वाने का कार्य क़ानून सम्मत था। गौ तस्कर और मेरे खिलाफ केस करने वाले लोगों पर केस पुलिस को चलाना चाहिये था। सत्यमेव जयते।



