
शाजापुर। मध्य प्रदेश सरकार के 2 साल पूरे होने के अवसर पर शाजापुर जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अपनी सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, लेकिन इसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल को लेकर दिए गए उनके एक विवादित बयान ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है।प्रभारी मंत्री कुशवाह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर और उमा भारती के कार्यकाल को ‘बेकार’ करार दिया।
‘पिछली सरकारों का कार्यकाल खराब था’
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि पिछली सरकारों का कार्यकाल खराब रहा। उन्होंने सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्रियों शिवराज सिंह चौहान, बाबूलाल गौर और उमा भारती के कार्यकाल को ‘बेकार’ बताया।
उन्होंने दावा किया “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उन्हीं अधूरे और बिगड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्हीं कार्यों को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।”हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्ष 2003 से मध्य प्रदेश में विकास की गाथा शुरू हुई। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई होती थी, जिसे शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में बढ़ाकर 47 लाख हेक्टेयर तक किया गया। अब इस सिंचाई क्षमता को और विस्तार देने का काम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सवाल पर टिप्पणी से बचे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पत्रकारों ने सवाल उठाए। पत्रकारों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग विधायकों की बात नहीं सुन रहा है, जिसके चलते जनप्रतिनिधियों को खुद अस्पतालों का दौरा करना पड़ रहा है।इस सवाल पर मंत्री कुशवाह ने सीधा जवाब देने से बचते हुए विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कहा कि “पत्रकारों की चाय-नाश्ता नहीं हुई है।” इसके बाद उन्होंने इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई और टिप्पणी नहीं की।
मोहन सरकार की उपलब्धियाँ
विवादित बयानों के बावजूद, प्रभारी मंत्री ने मोहन सरकार के पिछले दो साल की उपलब्धियों को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गैरकानूनी और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है।कानून के उल्लंघन पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग का डीएसपी हो या कोई अन्य अधिकारी।मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश हैं कि चाहे कोई भी कितने बड़े पद पर क्यों ना हो, कानून सभी के लिए बराबर है।प्रभारी मंत्री के इस बयान ने भाजपा के भीतर ही एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि शिवराज सिंह चौहान का कार्यकाल पार्टी के लिए हमेशा से एक उपलब्धि रहा है।



