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Jharkhand: धनबाद गैस रिसाव संकट गहराया, केंदुआडीह में गैस का स्तर सामान्य से अधिक, 1000 से अधिक लोग शिफ्ट; DC ने तत्काल विस्थापन की अपील की

धनबाद: धनबाद के केंदुआडीह स्थित आग और भू-धंसान प्रभावित राजपूत बस्ती और आसपास के इलाकों में जहरीली गैस का रिसाव अब भी जारी है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। बीते दो दिनों में गैस रिसाव से दो महिलाओं की मौत होने की खबर है। इस गंभीर संकट को देखते हुए शुक्रवार को बीसीसीएल, जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का आकलन किया।

टेक्निकल टीम की चेतावनी: गैस का स्तर अब भी ज्यादा

डीजीएमएस, आईआईटी (ISM) और सिंफर (CIMFR) की टेक्निकल टीम स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रही है।टेक्निकल टीम के सैंपल के आधार पर कहा गया है कि गैस का स्तर अब भी सामान्य से ज्यादा है।टेक्निकल टीम के हवाले से कहा गया है कि दूसरी जगह पर शिफ्टिंग ही फिलहाल एकमात्र विकल्प है।गैस रिसाव से एक पीड़ित को सेंट्रल हॉस्पिटल धनबाद और 10 मरीजों को कुस्तौर रीजनल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया

गैस रिसाव के कारण लोगों ने बड़ी संख्या में सुरक्षित स्थानों पर पलायन किया है।प्रभावित राजपूत बस्ती और केंदुआ पांच नंबर की ज्यादातर महिलाएं व बच्चे धनबाद, आसनसोल, गिरिडीह, पुटकी, आजाद नगर, वासेपुर और लोयाबाद में अपने-अपने रिश्तेदारों के घर शिफ्ट हो गए हैं।मुहल्ले में फिलहाल पुरुष ही हैं, जो रात में बीसीसीएल द्वारा स्थापित कैंपों में रह रहे हैं।

उच्च स्तरीय बैठक और सीएमडी का निर्देश

बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, डीसी आदित्य रंजन, एसएसपी प्रभात कुमार के अलावा डीजीएमएस, सिंफर, स्वास्थ्य विभाग, आपदा विभाग और जेआरडीए के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे।केंदुआडीह थाने में हुई अफसरों के साथ बैठक में प्रभावितों ने सुरक्षा, पुनर्वास और मुआवजा सहित कई मुद्दे उठाए और नाराजगी भी जताई।सीएमडी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्थाई रहने की जगह पर तुरंत हीटिंग का इंतजाम और जरूरी सुविधाएं (खाना, पीना, शौचालय, बिजली) दुरुस्त करें। प्रभावित की मदद करने के लिए शेल्टर में रात भर रहने के लिए अधिकारियों की टीम भी तैनात की गई है।

डीसी ने जल्द विस्थापन की अपील की

डीसी आदित्य रंजन ने प्रभावितों से स्थिति सामान्य होने तक टेंट में शिफ्ट हो जाने की अपील की।यह समस्या आज की नहीं दशकों पुरानी है। सालों पहले विस्थापन होना था जो नहीं हो सका। लोगों से अपील की गई कि समय सीमा तय कर जल्द से जल्द सभी लोग डेंजर जोन से शिफ्ट हो जाएं। इसके लिए बेलगड़िया और करमाटांड़ में व्यवस्था की गई है। सभी नागरिक तत्काल टेंट में शिफ्ट हो जाएं और तब तक रहें जब तक कि स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।”अधिकारियों ने कुस्तौर स्वास्थ्य केंद्र में इलाजरत लोगों से मुलाकात कर डॉक्टरों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था का दिशा-निर्देश भी दिया।

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