
भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को खूब फटकार लगाई है। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पाकिस्तान को दूसरों को ज्ञान देने का कोई हक नहीं हैभारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को खूब फटकार लगाई है। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा है कि पाकिस्तान को दूसरों को ज्ञान देने का कोई हक नहीं है, बल्कि उसे खुद के अंदर झांकना चाहिए।
MEA के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान का कोई हक नहीं है कि वो दूसरों को ज्ञान दे, जो खुद अपने देश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन करते हैं। पाकिस्तान अपने अंदर खुद को झांके। हमने देखा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के क्या अधिकार हैं।
दागदार रिकॉर्ड से भरा है पाकिस्तान
रणधीर जायसवाल ने कहा, “एक ऐसे देश के तौर पर, जिसका रिकॉर्ड कट्टरता, दमन और अपने अल्पसंख्यकों के साथ सिस्टमैटिक बुरे बर्ताव के गहरे दागदार रिकॉर्ड से भरा है, पाकिस्तान के पास दिखावटी उपदेश देने का कोई नैतिक आधार नहीं है। पाकिस्तान के लिए बेहतर होगा कि वह अपनी नजरें अंदर की ओर लगाए और अपने खुद के खराब ह्यूमन राइट्स रिकॉर्ड पर ध्यान दे।”
चीन के साथ संबंधों पर MEA ने कहा, ‘सामान्य संबंधों के लिए बॉर्डर पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है।’
अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर क्या कहा?
इस दौरान रणधीर जायसवाल ने अरुणाचल प्रदेश के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न हिस्सा है। भारतीय महिला की हिरासत का मामला दिल्ली और बीजिंग में चीनी पक्ष के सामने उठाया गया है।
शेख हसीना के एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट पर भी बयान
शेख हसीना के एक्सट्रैडिशन रिक्वेस्ट पर बोलते हुए MEA प्रवक्ता ने कहा कि भारत ज्यूडिशियल और इंटरनल लीगल प्रोसेस के हिस्से के तौर पर रिक्वेस्ट की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा, “हम बांग्लादेश के लोगों के सबसे अच्छे हितों के लिए कमिटेड हैं, जिसमें उस देश में शांति, डेमोक्रेसी, इनक्लूजन और स्टेबिलिटी शामिल है और इस बारे में सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ कंस्ट्रक्टिव तरीके से बातचीत करते रहेंगे।”



