
प्रयागराज: प्रयागराज पुलिस ने 11वीं की छात्रा साक्षी यादव की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को सुलझाते हुए आरोपी सेना के जवान (फौजी) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान थरवई थानाक्षेत्र के कुसुंगुर गांव निवासी सेना में नायक हर्षवर्धन सिंह उर्फ दीपक के रूप में हुई है, जिसकी अपनी शादी 30 नवंबर को तय थी। पुलिस के मुताबिक, इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती और शादी के दबाव से पीछा छुड़ाने के लिए फौजी ने अपनी शादी से महज बीस दिन पहले इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
इंस्टाग्राम से दोस्ती, शादी के दबाव में हत्याकांड
डीसीपी नगर मनीष कुमार शांडिल्य और डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 11वीं की छात्रा साक्षी यादव दस नवंबर की सुबह स्कूल जाते समय लापता हो गई थी। उसका शव 15 नवंबर की सुबह लखरावां गांव में मनसैता नदी किनारे जमीन में दफन मिला था। कुत्तों द्वारा जमीन खोदने पर शव का हाथ बाहर दिखने के बाद इस हत्याकांड की जानकारी हुई। जून 2025 में इंस्टाग्राम पर साक्षी और फौजी दीपक के बीच बातचीत शुरू हुई थी, जो जल्द ही प्रेम प्रसंग में बदल गई। दीपक की छह महीने पहले दूसरी जगह शादी तय हो चुकी थी और 30 नवंबर को उसकी बारात जानी थी। इंस्टाग्राम पर होने वाली पत्नी की फोटो पोस्ट करने के बाद साक्षी को इसकी जानकारी हो गई थी। वह बार-बार दीपक से शादी करने की जिद कर रही थी और विरोध कर रही थी।
फौजी ने ऐसे की हत्या और सबूत छिपाए
हत्यारोपी दीपक ने पूछताछ में हत्या के पूरे तरीके का खुलासा किया। उसने बताया कि साक्षी को रास्ते से हटाने की नीयत से दीपक बाइक पर उसे अपने साथ दस नवंबर की शाम लखरावां गांव मनसैता नदी किनारे ले गया।वहां उसने साक्षी पर चाकू से ताबड़तोड़ 7 बार वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने पास ही मंदिर में रखे फावड़े से जमीन में गड्ढा खोदकर साक्षी का शव दफन कर दिया। इसके बाद उसने चाकू और फावड़ा भी पास की जमीन में गाड़ दिया था।हत्या के बाद उसने साक्षी का स्कूल बैग हाईवे किनारे देवरियां गांव के समीप फेंक दिया। बैग में मिली एक कॉपी में दीपक फौजी और उसका मोबाइल नंबर लिखा था, जो पुलिस की जाँच में अहम सुराग बना।
हत्या के बाद भी घटनास्थल पर पहुंचा था आरोपी
हत्या के पांच दिन बाद जब 15 नवंबर को साक्षी का शव मिला, तो आरोपी दीपक भी ग्रामीणों की भीड़ के बीच घटनास्थल पर पहुंचा था।पुलिस की मानें तो दीपक ने सोचा था कि शव जमीन में दफन करने के बाद किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। वह अपनी शादी की छुट्टी पर घर आया था।
मोबाइल को किया फॉर्मेट
हत्या को अंजाम देने के बाद दीपक ने अपना मोबाइल फॉर्मेट कर दिया था, लेकिन ब्राउज़र मेमोरी डिलीट नहीं कर सका, जिसने पुलिस को ट्रैक करने में मदद की।पुलिस को 10 नवंबर के सीसीटीवी फुटेज में बालसन चौराहे पर दीपक, साक्षी को अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाते हुए दिखा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस ने आरोपी फौजी को कुसुंगुर गांव के समीप मनसैता नदी के पुराना पुल के पास से गिरफ्तार किया है और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू और फावड़ा भी बरामद कर लिया है।



