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Bihar: राजस्व विभाग में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, खौफ में आए अधिकारी पहुंचे CM के पास, मंत्री बोले “सबको स्वस्थ कर दूँगा”

पटना: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में इन दिनों ‘ऑल इज नॉट वेल’ की स्थिति है। उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा के कड़े एक्शन और सख्त तेवरों ने अधिकारियों के बीच हड़कंप मचा दिया है। स्थिति यहाँ तक पहुँच गई है कि अधिकारियों के संघ ने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल तक को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।

“भ्रष्टाचारियों को बख्शा नहीं जाएगा”: विजय सिन्हा का सीधा संदेश

अधिकारियों के विरोध और पत्रों के बीच उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी दबाव या ‘सिंडिकेट’ के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा मेरा मकसद किसी की भावना को आहत करना नहीं, बल्कि पूरे विभाग को दुरुस्त करना है। जो अधिकारी भ्रष्टाचार के ‘बीमार’ हैं, उन्हें ऐसा इलाज देंगे कि सबका स्वास्थ्य ठीक हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जमीन के साथ खेल करने वाले और निर्विवाद जमीन को विवादित बनाने वाले भू-माफियाओं और अधिकारियों की अब खैर नहीं है।

मुजफ्फरपुर कृषि भूमि घोटाले का लिया संज्ञान

मंत्री ने मुजफ्फरपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे कृषि विभाग की सरकारी जमीन का अधिकारियों की मिलीभगत से गलत तरीके से दाखिल-खारिज करा दिया गया। विजय सिन्हा ने कहा कि जब वे कृषि मंत्री थे, तब भी उन्होंने कार्रवाई का निर्देश दिया था और अब राजस्व मंत्री के रूप में उन्होंने फिर से इसका कड़ा संज्ञान लिया है। दोषियों पर गाज गिरना तय है।

राजस्व संघ बनाम डिप्टी सीएम: टकराव तेज

बता दें कि बिहार राजस्व संघ ने उपमुख्यमंत्री पर अधिकारियों को अपमानित करने और उन पर अनावश्यक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इस पर विजय सिन्हा ने पलटवार करते हुए कहा ईमानदार कर्मियों को डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, लेकिन अराजक माहौल बनाने वालों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। मुझे कोई पत्र नहीं मिला है, और न ही मैं ऐसे दबावों से पीछे हटने वाला हूँ।

जन-संवाद से गायब रहने वाले अधिकारियों को चेतावनी

जिलों में आयोजित जन-संवाद कार्यक्रमों के दौरान अधिकारियों के छुट्टी पर जाने या गायब रहने के सवाल पर उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा कि विभाग को ‘स्वस्थ’ (अनुशासित) करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जल्द ही सभी नदारद अधिकारी लाइन पर आ जाएंगे।

व्यवस्था परिवर्तन की ओर बढ़ते कदम

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार का सबसे संवेदनशील विभाग माना जाता है, जहाँ जमीन विवाद के मामले सबसे अधिक हैं। विजय सिन्हा के इस एक्शन को भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों की नाराजगी आने वाले दिनों में सरकार के भीतर एक नया सियासी मोड़ भी ले सकती है।

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