Jharkhand: रिम्स की जमीन पर बना 14 करोड़ का अपार्टमेंट होगा ध्वस्त, 20 फ्लैट खरीदारों को लगा 16 करोड़ का झटका

राँची। राजधानी राँची स्थित रिम्स (RIMS) की जमीन पर नवनिर्मित चार मंजिला अपार्टमेंट को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। यह कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है, लेकिन इस अवैध निर्माण की कीमत अब 20 फ्लैट खरीदारों को चुकानी पड़ रही है, जिन्हें लगभग 16 करोड़ रुपये का बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
खरीदारों को 16 करोड़ का नुकसान
यह अपार्टमेंट पूरी तरह से बनकर तैयार था और रेडी टू मूव कंडीशन में था। इस चार मंजिला इमारत में कुल 20 फ्लैट हैं, जिनकी कीमत करीब 70 लाख रुपये प्रति फ्लैट थी। इस हिसाब से खरीदारों को कुल 14 करोड़ रुपये का सीधा नुकसान हो चुका है।कई फ्लैट खरीदारों ने 10 लाख रुपये से अधिक का इंटीरियर (आंतरिक सज्जा) भी करा लिया था, जिससे करीब 2 करोड़ रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ है।फ्लैट खरीदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी इसमें लगा दी थी। कोर्ट के आदेश पर इसे तोड़ा तो जा रहा है, लेकिन उन्हें हुए इस भारी नुकसान की भरपाई या जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।
रजिस्ट्री और कानूनी मंजूरी पर बड़ा सवाल
सवाल अब इस बात पर उठ रहे हैं कि जब जमीन रिम्स की थी, तो यह अवैध निर्माण कैसे हुआ। लोगों का कहना है कि जमीन रिम्स की होने पर कोई सामान्य व्यक्ति इसकी रजिस्ट्री और म्यूटेशन करा ही नहीं सकता था। यदि जमीन सरकारी है, तो कर्मचारी, सीआई और सीओ ने इसे पास कैसे कर दिया?नगर निगम ने किस आधार पर इस अपार्टमेंट का नक्शा पास किया? सबसे बड़ा सवाल यह है कि बैंक के लीगल सेल ने होम लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स को क्लीयरेंस कैसे दे दी?यह पूरी प्रक्रिया सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही की ओर इशारा करती है, जिसका खामियाजा अब निर्दोष खरीदार भुगत रहे हैं।
रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी
रिम्स परिसर से अवैध कब्जों को हटाने का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहेगा। डीआईजी ग्राउंड के आसपास के सभी अवैध कब्जों को मंगलवार तक हटा देने की तैयारी है। इसके अलावा, बुधवार तक पूरे क्षेत्र में बाउंड्री के लिए मार्किंग (चिह्नित) हो जाएगी। सोमवार से भवन निर्माण विभाग औपचारिक रूप से इस अवैध अपार्टमेंट बिल्डिंग को गिराने का काम शुरू करेगा।



