Jharkhand:पंच प्यारों की अगुवाई में निकला भव्य नगर कीर्तन,‘बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंजा शहर

जमशेदपुर: दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आज लौहनगरी जमशेदपुर की सड़कें भक्ति और उत्साह के रंग में सराबोर नजर आईं। गुलमुरी स्थित रिफ्यूजी कॉलोनी गुरुद्वारा से अरदास के बाद भव्य नगर कीर्तन की शुरुआत की गई। पंच प्यारों की अगुवाई में निकला यह नगर कीर्तन शहर के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए साकची गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर संपन्न होगा।
स्कूली बच्चों और ‘गतका’ के प्रदर्शन ने मोहा मन
नगर कीर्तन की भव्यता देखते ही बन रही थी। इसमें सिख समाज के हजारों पुरुषों, महिलाओं और बुजुर्गों के साथ-साथ भारी संख्या में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। स्कूली बच्चों के बैंड और पारंपरिक वेशभूषा में सजे गतका दल ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
प्रमुख हस्तियों ने टेका मत्था
इस धार्मिक समागम में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली। नगर कीर्तन में मुख्य रूप से अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान,गौ रक्षा समिति के उपाध्यक्ष राजू गिरी और सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह शामिल हुए। इनके अलावा सभी स्थानीय गुरुद्वारों के प्रधान और गणमान्य व्यक्ति इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
गोलमुरी से साकची तक ‘सेवा’ का सैलाब
नगर कीर्तन का मार्ग रिफ्यूजी कॉलोनी से शुरू होकर गोलमुरी मुस्लिम बस्ती, टिनप्लेट और सिदगोड़ा होते हुए साकची तक निर्धारित किया गया। पूरे रास्ते में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल देखने को मिली। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों द्वारा जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए थे। श्रद्धालुओं और स्कूली बच्चों के बीच फल, जूस, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर पालकी साहिब का स्वागत किया गया।
कड़ी सुरक्षा के बीच सुचारू रहा यातायात
नगर कीर्तन के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस बल की तैनाती मुस्तैद रही। रूट पर यातायात को सुचारू रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। सेवादारों की टोली भी सड़क की सफाई और व्यवस्था बनाने में जुटी रही।



